कागज अपनी किस्मत से उड़ता है
लेकिन पतंग अपनी काबिलियत से उड़ती है।
किस्मत साथ दे या ना दे
काबिलियत जरूर साथ देती है।
इसलिए काबिल बनो।
...
जिस दिन आपने ये परवाह करनी छोड़ दी
कि लोग आपके बारे में क्या सोचते है।
समझो उस दिन से आपने ज़िन्दगी का आनंद लेना शुरू कर दिया।
...असफ़लता एक चुनौती हैं – स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.
..........जब तक तू लक्ष्य को देख नही सकता
तब तक तू लक्ष्य को भेद नही सकता।
जब तुझे लक्ष्य नजर आने लगेंगे
तभी तेरे लक्ष्य पर निशाने लगेंगे l